श्रीमती नेताम ने कहा कि छत्तीसगढ को पृथक राज्य बने 20 साल हो चुके हैं। इस दौरान छत्तीसगढी भाषा के विकास को लेकर कोई ठोस कदम नहीं उठाए गए।
श्रीमती नेताम ने कहा कि विभिन्न राज्यों में स्थानीय भाषाओं में प्रसारण हेतु दूरदर्शन के अलग-अलग चैनल हैं जिसमें वहां की स्थानीय भाषा में प्रसारण किया जाता है। लेकिन छत्तीसगढ में दूरदर्शन द्वारा ऐसा चैनल नहीं चलाया जा रहा जिसमें केवल छत्तीसगढी भाषा में प्रसारण हो। जबकि निजी क्षेत्र के क्षेत्रीय चैनलों पर छत्तीसगढी भाषा में प्रसारण किया जा रहा है।
श्रीमती नेताम ने यह भी कहा कि छत्तीसगढ में एक ऐसे चैनल की आवश्यकता है जो यहां की कला, संस्कृति को सहेजने के साथ-साथ कलाकारों के हितों को भी संरक्षित करे और छत्तीसगढ में दूरदर्शन इस आवष्यकता को पूर्ण करने में सक्षम है।
श्रीमती नेताम ने सदन के माध्यम से मांग की है कि दूरदर्शन द्वारा छत्तीसगढी भाषा में प्रसारण के लिए पृथक चैनल चलाया जाए जिससे छत्तीसगढी भाषा के साथ-साथ स्थानीय कलाकारों, गायकों, निर्माताओं का भी विकास हो सकेगा।
