कोसरिया मरार पटेल धर्मशाला सारंगढ़ में शाकंभरी पूजन संपन्न

 


सारंगढ़ - सारंगढ़ कोसरिया मरार पटेल धर्मशाला में मां शाकंभरी पूजन उत्सव संपन्न हुआ। मां शाकंभरी को धन धान्य,अन्न फल-फूल सब्जीयों की देवी के रूप में पूजा अर्चना की जाती है। 

मां शाकंभरी की पौराणिक ग्रंथों में वर्णित कथा के अनुसार एक समय जब पृथ्‍वी पर दुर्गम नामक दैत्य ने आतंक का माहौल पैदा कर दिया और उसके आतंक से करीब सौ वर्ष तक वर्षा न होने के कारण अन्न-जल के अभाव में भयंकर सूखा पड़ गया जिससे लोग भूख प्यास से मरने लगे जीवन खत्म होने लगा क्योंकि उस दैत्य ने ब्रह्माजी से चारों वेद चुरा लिए थे। तब आदिशक्ति मां दुर्गा ने मां शाकंभरी का रूप लेकर अवतरित हुई, जिनके सौ नेत्र थे। उन्होंने रोना शुरू किया, रोने पर आंसू निकले और इस तरह पूरी धरती में जल का प्रवाह हो गया और एक बार फिर मानव समाज को माता ने नया जीवन प्रदान किया और अंत में मां शाकंभरी ने उस दुर्गम दैत्य का अंत कर दिया। तब से माता दुर्गा को शाकंभरी रुप में पूजा जाने लगा तथा माता को शाक सब्जियों का भोग लगाया जाता है़। सारंगढ़ में आयोजित शाकंभरी उत्सव में सारंगढ़ कोसरिया मरार पटेल समाज के अध्यक्ष त्रिनाथ पटेल एवं सामाजिक बंधुओं ने ईष्टदेवी मां शाकंभरी की आरती गायी एवं मिठाई व प्रसाद बांटकर इस अवसर को यादगार बनाया। पटेल समाज की ओर से अध्यक्ष त्रिनाथ पटेल, उपाध्यक्ष महेत्तर पटेल, सचिव विष्णु पटेल, कार्य.सचिव दुर्गा प्रसाद पटेल, प्रवक्ता भगवान प्रसाद, कुशल पटेल, निर्तंग पटेल, लखनलाल, दौलतराम, पुरूषोत्तम पटेल, किशन पटेल, तिहारू पटेल एवं समाज के युवा पत्रकार श्याम पटेल मौजूद रहे।




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